
एशिया कप 2025 का भारत-पाकिस्तान मैच जितना रोमांचक था, उतना ही राजनीतिक भी। इस बार रन नहीं, रिवाइवलिस्ट राष्ट्रवाद और रेफ़री के रोल पर बवाल छाया रहा। टॉस हुआ, लेकिन कोई मुस्कान नहीं। हाथ भी नहीं मिलाया, और दिल तो बिल्कुल नहीं।
मैच खत्म हुआ, खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से ऐसे दूरी बनाए रखी, जैसे वायरस फैला हो!
पाकिस्तान का आरोप – “हमें माफ़ी चाहिए, ICC कुछ बोले!”
पाकिस्तान ने कहा कि “हमें बताया गया कि हाथ नहीं मिलाना है — और ये कहा किसने? ICC के मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ़्ट ने!”
अब PCB ये मानकर चल रहा है कि एंडी पाइक्रॉफ़्ट मैच रेफ़री नहीं, भारत के PR मैनेजर हैं।
रमीज़ राजा का ‘टॉस थ्योरी’ बम
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रमीज़ राजा ने ऐसा बयान दे दिया जो किसी स्पिन बॉलर की गुगली से कम नहीं था:
“जहाँ भी टॉस होता है, वहाँ पाइक्रॉफ़्ट पहले से खड़े रहते हैं। लगता है, इंडिया के मैचों में ये रेफ़री नहीं, स्थायी सदस्य हैं!”
उन्होंने दावा किया कि पाइक्रॉफ़्ट 90 बार भारत के मैचों में रेफ़री रह चुके हैं!
(मतलब ICC का ‘मोदी केयर’ प्लान!)
ICC की प्रतिक्रिया – “अभी तो सो रहे हैं!”
PCB का कहना है कि पाइक्रॉफ़्ट ने पाकिस्तान के कप्तान और टीम मैनेजर से माफ़ी माँगी। लेकिन ICC की तरफ़ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया। शायद ICC के ऑफिस में अभी भी VPN काम नहीं कर रहा, या नारियल तोड़ने की छुट्टी चल रही है।

“रेफ़री हटाओ, नहीं तो हम मैच नहीं खेलेंगे!” – PCB की धमकी
पाकिस्तान ने साफ कर दिया — अगर एंडी पाइक्रॉफ़्ट को नहीं हटाया गया, तो “हम UAE के खिलाफ मैच ही नहीं खेलेंगे!”
अब BCCI तो यही कह रहा होगा –“खेलो या मत खेलो, ट्रॉफी हम ही लेंगे!”
ये खेल है या अदालत?
पहले टॉस पर झगड़ा फिर हैंडशेक न करने पर सस्पेंस अब रेफ़री की न्यूट्रैलिटी पर सवाल भाईसाहब, ये एशिया कप है या जांच आयोग?
सच क्या है? खेल का सच या खेल में सियासत?
जब क्रिकेट में सिर्फ बैट-बॉल नहीं चलता, बल्कि “बयान, बवाल और बहिष्कार” चलता हो — तो दर्शक कन्फ्यूज हो जाते हैं कि वो खेल देख रहे हैं या न्युज़ चैनल?
मोहल्ले की याद दिला दी – “नहीं खेलूंगा रेफ़री तुम्हारा है!”
जो हम मोहल्ले में बचपन में कहते थे — “मैं बॉल नहीं दूंगा, रेफ़री तुम्हारा मामा है!”
अब वही बात पीसीबी ऑफिशियल स्टेटमेंट में सुनने को मिल रही है। “भारत-पाक मैच अब उतना क्रिकेट नहीं रह गया, जितना क्लासिक ड्रामा – जहां टॉस भी स्क्रिप्टेड लगता है, और हैंडशेक भी कंट्रोवर्सी बन जाता है!”
जिन्हें लगता है कि क्रिकेट एक खेल है, वो शायद 90s में जी रहे हैं। 2025 में क्रिकेट एक राजनीतिक थिएटर है – जहां रेफ़री भी स्टार कास्ट है।
